मौसम की मार से कराह रहे किसानों पर अब आग आफत बनी है। खेत-खलिहान में हो रही आगजनी की घटनाओं से उनकी बची-खुची फसलें भी स्वाहा हो रही हैं। बुधवार दोपहर भी रसूलपुर टप्पा गांव के खलिहान में आग लग गई। इससे 4 किसानों का 10 बीघे का गेहूं राख हो गया। खलिहान से उठती लपटें देख जुटे ग्रामीण आग बुझाने में घंटों जूझते रहे। आग कैसे लगी? इसकी जानकारी किसी को नहीं है। आशंका है कि किसी राहगीर ने जलती हुई बीड़ी का टुकड़ा फेंका होगा। इसी से यह घटना हुई है।
कौशाम्बी में मौसम की मार से करीब 1.50 लाख किसान कराह रहे हैं। मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से जिले में करीब 71 करोड़ रुपये की फसलों का नुकसान हुआ है। इस बर्बादी से करार रहे किसानों पर अब रोजाना आग का कहर टूट रहा है। बुधवार दोपहर भी सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर टप्पा गांव के समीप खलिहान में रखी किसानों की गेंहू की फसल में आग लग गई।
इससे गांव के महताब पुत्र कयूम की 6 बीघे की फसल, नईमुद्दीन पुत्र नसीरुद्दीन के 3 बीघे की फसल और मुन्नीलाल का 100 बोझ और नरेश कोरी का 30 बोझ गेहूं जलकर राख हो गया। खलिहान से उठती लपटें और निकलते धुएं का गुबार देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीखते-चिल्लाते गांव के सैकड़ों लोग जमा हो गए। ग्रामीण आग बुझाने में जुटे। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि जब तक आग बुझती इन चारों किसानों की सारी फसल राख हो चुकी थी।