अदालत ने 62-62 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
चुनावी रंजिश को लेकर मोहीउद्दीनपुर के प्रधान पर ट्रक चढ़ाकर की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। पूरामुफ्ती कोतवाली इलाके के मलाक मोहीउद्दीनपुर गांव के प्रधान परसन प्रसाद की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इन्होंने 14 साल पहले प्रधान को चुनावी रंजिश के चलते ट्रक से कुचल दिया था। अदालत ने आरोपियों पर 62-62 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक पंकज सोनकर के मुताबिक 17 दिसंबर 2008 को मलाक मोहीउद्दीनपुर निवासी पन्नालाल ने पूरामुफ्ती पुलिस को दी तहरीर में बताया कि परिवार के ही परसन प्रसाद ग्राम प्रधान थे। उनकी गांव के बच्चा लाल से चुनावी रंजिश थी। 17 दिसंबर को परसन प्रसाद अपने साथी पप्पू यादव के साथ बाइक से पूरामुफ्ती जा रहे थे। महगांव के समीप ट्रक से कुचल कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। घटना में पप्पू को गंभीर चोट आई थी। पन्नालाल ने बच्चा लाल व अजमल समेत पांच लोगोें के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट की अदालत में गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पंकज सोनकर व धर्मेंद्र कुमार मौर्य ने आठ गवाह अदालत में परीक्षित कराए। कोर्ट ने उभय पक्षों की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बच्चा लाल व अजमल को दोष सिद्ध पाते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है।