करारी के किराना की दुकान में रखा कड़वा तेल व खरीदारी करते लोग संवाद
करवाचौथ और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले सरसों के तेल के दाम एक बार फिर चढ़ गए हैं। कुछ दिन पहले तक खुदरा बाजार में करीब 190 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला सरसों का तेल अब 210 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है और रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।
करारी के कारोबारी अवधेश केसरवानी ने बताया कि सरसों की नई फसल आने में अभी समय है। ऐसे में तेल मिलों के पास पुरानी सरसों का स्टॉक धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसका असर सरसों के तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे पाम ऑयल और अन्य खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से भी घरेलू बाजार प्रभावित हुआ है।
त्योहारों के दौरान खाद्य तेल की मांग बढ़ने से कीमतों में और तेजी आने की आशंका उपभोक्ताओं को सता रही है। लोगों का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बीच तेल महंगा होने से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। दुकानदार दीपू लाल अग्रहरि और ओम प्रकाश केसरवानी ने बताया कि सरसों के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है। त्योहारों से पहले दाम बढ़ने से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।