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Kaushambi News: मशरूम की खेती से बदली तकदीर, आत्मनिर्भर बनने की राह पर समूह की महिलाएं

Wed, 04 Feb 2026 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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कडा ब्लांक के अफजलपुर सातों गांव में खेत में बोई गई मशरूम की फसल में काम करती समूह की महिलाएं स
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कड़ा ब्लॉक के अफजलपुर सातों गांव में सरस्वती महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मशरूम की खेती कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। करीब एक साल पहले राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत समूह का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सीमा सिंह कर रही हैं। स्नातक पास सीमा सिंह ने आर्थिक तंगी के दौर में घर की दहलीज लांघते हुए 10 बेरोजगार महिलाओं को संगठित किया और रोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।
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सीमा सिंह की शादी किसान सुरेश सिंह से हुई है, जिनके पास चार बीघा जमीन है। वह गेहूं, धान और बाजरे की खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच आमदनी नाकाफी हो रही थी। ऐसे में वर्ष 2024 में सीमा सिंह ने स्वयं सहायता समूह बनाकर आय बढ़ाने का प्रयास शुरू किया।
बैंक से सस्ते ऋण मिलने पर सीमा सिंह ने अपने निजी डेढ़ बीघे खेत में देसी बटन मशरूम की खेती शुरू कराई। खेत में 10 छप्पर बनाकर महिलाएं लगातार देखभाल कर रही हैं।
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सीमा सिंह के अनुसार खेती में करीब 20 से 25 हजार रुपये की लागत आई है। सिंचाई, उर्वरक और दवा छिड़काव में पति का भी सहयोग मिल रहा है। पहली फसल से मुनाफा होने पर खेती का दायरा बढ़ाने की योजना है।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के डीपीएम दीपांशु सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मशरूम की खेती कम लागत में बेहतर आमदनी का साधन है और अफजलपुर की महिलाएं अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

कडा ब्लांक के अफजलपुर सातों गांव में खेत में बोई गई मशरूम की फसल में काम करती समूह की महिलाएं स

कडा ब्लांक के अफजलपुर सातों गांव में खेत में बोई गई मशरूम की फसल में काम करती समूह की महिलाएं स

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