मंगलवार की दोपहर तेज धूप व गर्मी के कारण कुछ इस तरह से अपने शरीर को बचाकर निकले लोग
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ज्येष्ठ माह की दोपहरी झुलसा रही है तो रातें भी बेहद गर्म हैं। दिन के साथ साथ रात के तापमान में भी 1.5 डिग्री का इजाफा हो गया है। इससे ना रात में चैन मिल रहा है और न ही दिन में सुकून। आसमान से बरस रही आग के बीच लू के थपेड़ों ने बेहाल करके रख दिया है।
सूर्य ने मंगलवार को भी अपनी तपन से झुलसा दिया। तीखी धूप से लोगों का हाल-बेहाल रहा। मंगलवार को इस सीजन का सबसे अधिक गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं सोमवार की तुलना में न्यूनतम तापमान भी 30 से बढ़कर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पखवाड़े भर से तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से मौसम में बदलाव की संभावना है। कौशाम्बी समेत कुछ जगहों पर आंधी और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके बाद गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना के मुताबिक, अभी दो-तीन दिन तापमान कम होने के आसार नहीं हैं। गर्मी से बेहाल लोग रात में चैन की नींद सो भी नहीं पा रहे हैं। गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती बढ़ गई है। बिजली विभाग के अधिकारी ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग को इसकी मुख्य वजह बताते हैं, लेकिन आपूर्ति के बिगड़े शेड्यूल से लोग परेशान हैं। भयंकर गर्मी का असर सेहत पर भी पड़ रहा है। प्रचंड गर्मी के चलते लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। जरुरी काम वाले लोग ही चेहरा और सिर ढककर बाहर निकल रहे हैं। कूलर और पंखे भी गर्मी से निजात दिलाने में नाकाम है। पंखों की हवा गर्म लग रही है तो कूलर उमस बढ़ा रहे हैं। शाम सात बजे तक गर्मी का प्रकोप जारी रहता है।