Mother selling kidney for son's treatment, did not find buyer
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जिगर के टुकड़े की जान बचाने के लिए एक मां ने खुद का जीवन दांव पर लगाने को तैयार है। इलाज में जरूरी रुपयों के लिए मां अपनी किडनी बेचना चाहती है। हालांकि, उसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। निराशा में डूबे परिवार को सहारे की जरूरत है। क्षय रोग से पीड़ित बेटे की हालत चिंताजनक है। पैसों के अभाव में उसके बेटे का इलाज नहीं हो रहा है। चायल तहसील के छोटी चलौली, नईम मियां का पूरा निवासी राजाराम सरोज मेहनत मजदूरी के सिलसिले में परिवार सहित मुंबई के उल्लाहस नगर में रहता है। उसके दो बेटों में से बड़ा मोनू पिछले दिनों गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया।
घर के खर्चे में हाथ बंटाने वाले मोनू के बीमार होने से परिवार के लोग परेशान हैं। दवा इलाज के बाद भी जब मोनू के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ तो पिता राजाराम अपने परिवार के साथ गांव लौट आया। यहां भी दिनोंदिन मोनू की हालत बिगड़ती चली गई। अब मोनू के शरीर मे खून की बेहद कमी है। खांसी और बुखार के कारण पूरा शरीर टूट गया है।
इलाज के लिए डॉक्टर उससे चार लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी मोनू की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। घर का सारा पैसा भी खत्म हो चुका है। अब परिवार के सामने बेटे के इलाज के लिए कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। बेटे के इलाज में आने वाले खर्च डठाने के लिए मां राजरानी ने अपनी किडनी बेचने को तैयार है। हालांकि, अभी तक उसकी किडनी के खरीदार नहीं मिले हैं। अब परिवार को किसी सहारे की जरूरत है।
बहन की रुक गई शादी, पिता भी हो चुके हैं निराश
हंसते-खेलते परिवार के सामने अब दु:खों का पहाड़ है। बेटे की सलामती के लिए जहां मां ने अपनी किडनी बेचने का फैसला किया है, वहीं बड़ी बहन ने भाई की सलामती के बाद ही शादी करने की ठानी है। जबकि कान की बीमारी से पीड़ित पिता राजाराम खुद निराश है।