मंझनपुर/म्योहर। राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य ने शुक्रवार को जिले के आधा दर्जन जूनियर व प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई व मध्यान्ह भोजन में खामिया मिली। निरीक्षण के बाद बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को प्रत्येक माह बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. नीता साहू शुक्रवार को सबसे पहले पूर्व माध्यमिक विद्यालय म्योहर पहुंची। यहां पर पंजीकृत 108 बच्चों में सिर्फ 43 मौजूद मिले। परिसर में बने शौचालय में गंदगी, टाट पट्टी पर बैठे बच्चों व मेन्यू में मानक के विपरीत बनी तहरी पर नाराजगी जाहिर किया। यहां के बाद प्राथमिक विद्यालय बसुहार पहुंची। यहां पर उन्हें सब कुछ ठीक मिला। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय जानकीपुर में मध्यान भोजन मानक के अनुरूप बना नहीं पाया गया। इसके अलावा उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जानकीपुर का निरीक्षण किया। यहां पर शयन कक्ष की खिड़की टूटी मिली जिसे ठीक कराने का निर्देश बीएसए को दिया। कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय ढहिया की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। सफाई व्यवस्था धड़ाम मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर किया।
निरीक्षण के बाद उन्होंने शाम चार बजे विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर अव्यवस्था को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण प्रत्येक माह कराएं। पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रात्रि गश्त कराना सुनिश्चित करें। अंत में जिला प्रोबेशन अधिकारी शैलेश राय की सिफारिस पर जिले में बाल गृह बालक एवं बालिका खोले जाने का आश्वासन दिया।बैठक में डीडीओ विजय कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हिंदमणी, बीएसए अरविंद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार के अलावा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण मौजूद रहे।