शौचालय में गबन उजागर होने पर डीपीआरओ ने पूरबसरांवा के प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ एफआईआर लिखाई है। मामले में स्थानीय बैंक मैनेजर के भी खिलाफ एफआईआर हुई है। मैनेजर पर आरोप है कि उन्होंने सेक्रेटरी से साठगांठ करके सरकारी खाते की रकम निजी खाते में डाली है। इसके अलावा दो अन्य ग्राम पंचायतों में भी गोलमाल मिला है। मामले में प्रधान, सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत और खंड प्रेरक के अलावा डीपीसी से जवाब तलब किया गया है।
बताया जाता है कि विकास खंड सरसवां के पूरब सरांवा ग्राम प्रधान ने सप्ताह भर पहले बैंक कर्मियों से मिलकर ग्राम निधि-6 से सात लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसकी जानकारी डीपीआरओ को हुई तो वह बैंक पहुंचे। जांच के दौरान बैंक कर्मियों, सेक्रेटरी की भूमिका भी संदिग्ध मिली। मामले में डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत संतोष कुमार त्रिपाठी को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीपीआरओ के निर्देश एडीओ पंचायत ने महेवाघाट थाने में ग्राम प्रधान सुनील चौधरी, सेक्रेटरी विष्णु शुक्ला, बीओबी बैंक मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया। इसी ब्लॉक के सरसवां की ग्राम प्रधान वंदना कुशवाहा ने भी तीन लाख 81 हजार 615 रुपया ग्राम निधि छह से निकाला, लेकिन एक भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया। जानकारी होने पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत, डीपीसी व खंड प्रेरक को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। विकास खंड सिराथू के तुलसीपुर ग्राम प्रधान के.के. मिश्र, सेक्रेटरी प्रेम नारायन पांडेय ने शौचालय का 6 लाख 67 हजार रुपया निकाल कर निर्माण नहीं कराया। मामले में डीपीआरओ ने प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत, डीपीसी व खंड प्रेरक से स्पष्टीकरण मांगा है।