जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति के इस्तीफा देने के बाद मंगलवार को जिला पंचायत की बैठक हुई। सदन की अध्यक्षता डीएम मनीष कुमार वर्मा ने की। जिला पंचायत सदस्यों ने दो अरब 12 करोड़ की कार्ययोजना को मंजूरी दी। सदन की कार्रवाई के दौरान सदस्यों के निशाने पर बीजेपी के तीनों विधायक रहे। लगभग हर मसले पर कभी सीधे तो कभी प्रस्ताव की आड़ में ही सदस्यों ने उनको निशाने पर रखा। इससे विधायकों के चेहरे का रंग बदलता रहा। वहीं माहौल को भांप कर डीएम सदस्यों को वापस प्रस्ताव के मुद्दे पर लाते रहे।
जिला पंचायत की बैठक करीब 12 बजे शुरू हुई। सदस्यों ने बतौर अध्यक्ष डीएम का स्वागत किया। पिछली बैठक की कार्रवाई का ब्योरा अपर मुख्य अधिकारी एलएन खरे ने प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। सदस्यों ने पेयजल के मसले पर सीधे हल्ला बोला। डीएम ने जिला विकास अधिकारी डीके दोहरे से कहा कि वह इस संबंध में जानकारी दें। उन्होंने बताया कि 13 परियोजनाएं उन्होंने देखीं। इनमें एक बंद है जबकि जिले में 37 परियोजनाएं हैं। इनमें से चार बंद हैं। सदस्यों ने पेयजल के मुद्दे पर जल निगम के एक्सईएन को कटघरे में खड़ा किया। असाढ़ा पेयजल टंकी के निर्माण में यासिर मंजूर ने अनियमितता का आरोप लगाया।
इसी दौरान चायल विधायक संजय गुप्ता, मंझनपुर विधायक लाल बहादुर और सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल आए। उनके साथ समर्थक भी आ गए थे। इसका जिला पंचायत सदस्य अंबुज भारतीय ने विरोध किया। कहा कि सदन में वही बैठ सकता है, जो सदस्य है। डीएम ने समर्थकों को बाहर कराया। इसके बाद गड्ढामुक्त सड़कों के लिए एक करोड़ से ज्यादा की रकम का प्रस्ताव सामने आया तो सपा-बसपा समेत सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव को नकार दिया। कहा कि इस प्रस्ताव की उन्हें जानकारी नहीं है। सरकार जब खुद कह रही है कि वह सड़क गड्ढा मुक्त कराएगी तो जिला पंचायत का रुपया क्यों लगाया जा रहा है। डिप्टी सीएम और लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद कौशाम्बी के ही हैं। उनसे भी रुपया मांगा जा सकता है। डीएम ने विकास का हवाला देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया तो जिला पंचायत सदस्य शिवमोहन मौर्य व जितेंद्र कुमार ने यह कहकर माहौल गरम कर दिया कि जिला पंचायत सदस्यों के अलावा किसी का प्रस्ताव न स्वीकृत किया जाए। इस पर संजय गुप्ता ने आपत्ति जताई। सदस्य आशीष ने कहा कि विधायक पदेन सदस्य हैं। एएमए सदन को गुमराह कर रहे हैं। डीएम ने यह कहकर मामले का पटाक्षेप किया कि वह एक्ट देखकर कार्रवाई कराएंगे।