इस बार आम के कारोबारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहले आंधी, तूफान ने आम की बागों को नुकसान पहुंचाया तो अब मद्रास के आम ने कौशाम्बी के आम की मांग घटा दी है। जिसका नतीजा है कि कारोबारियों और बाग मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कौशाम्बी में शेरगढ़ मूतरगंज, इब्राहिमपुर नौगीरा, सैयद सरांवा, कमंदा, शहजादपुर, ननमई और कला में बड़े पैमाने पर आम के बाग हैं। यहां से पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और झारखंड तक आम की सप्लाई होती है। मगर इस बार आम कारोबारियों को मौसम ने बहुत झटका दिया। आम के टूटने का समय आया तो आंधी-तूफान ने कहर मचा दिया। जिससे 50 फीसदी से ज्यादा आम टूटकर गिर गए। बचे आमों के सहारे नुकसान की भरपाई सोच रहे कारोबारियों और बाग मालिकों को अब मद्रास के आम ने झटका दे दिया है।
कारोबारियों का कहना है कि इस बार मद्रास में आम की भरपूर पैदावार हुई है। ऐसे में वहां के आम की सप्लाई कई राज्यों में हो रही है। जिससे कौशाम्बी के आम की मांग घट गई है। मुंडेरा मंडी में बाहर के व्यापारी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यहां के कारोबारियों को स्थानीय बाजार में ही आम बेंचना पड़ रहा है।
इस बार कई राज्यों में कौशाम्बी के आम की मांग घटने से आम के शौकीनों की बल्ले-बल्ले है। 16 सौ रुपये में दशहरी और 2 हजार रुपये क्विंटल आम मंडी में बिक रहा है। जबकि फुटकर बाजार में कीमत 30 से 35 रुपये किलो है। कारोबारियों का कहना है कि इस बार आम का भाव आसमान छूना चाहिए था। मगर दूसरे राज्यों में आम की सप्लाई न होने की वजह से स्थानीय बाजार में रेट कम चल रहा है।