मलमास 17 मई से शुरू हो रहा है। इसे अधिक मास व पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार यह हर तीसरे वर्ष (लगभग हर 32 महीने और 16 दिन बाद) आने वाला एक अतिरिक्त तेरहवां महीना होता है।
इस महीने में मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते, लेकिन इस दौरान पूजा-पाठ और दान-पुण्य का 10 गुना फल मिलेगा। हिंदू नववर्ष इस बार अधिकमास का साल है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास दो महीने का होगा जो आठ साल बाद इस महीने में पड़ रहा है। पिछला अधिकमास सावन में पड़ा था।
हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री के अनुसार हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति और उसकी गति पर आधारित होते हैं। शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य होंगे। जबकि अधिकमास वाले में नहीं होंगे। 17 मई से अधिकमास शुरू होकर 15 जून तक रहेगा। इसके बाद 19 जून से मांगलिक कार्य फिर से शुरू होंगे।
विवाह के उपलब्ध मुहूर्त
जून 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई 1, 6, 7, 11
नवंबर 1, 24, 25, 26
दिसंबर 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12