पुरुषोत्तम मास (मलमास) 15 जून को समाप्त हो रहा है। 16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा। इसी के साथ 19 जून से फिर शुभ काम शुरू हो जाएंगे।
हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 17 मई से पुरुषोत्तम (मलमास) लगने के कारण सभी शुभ काम बंद हो गए थे। 15 जून को सोमवती अमावस्या के बाद मलमास समाप्त हो जाएगा।
16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा। इसके बाद 19 जून से सहालग शुरू हो जाएगा। 25 जुलाई के बाद चातुर्मास लगने के कारण चार महीने तक फिर शहनाई की धुन नहीं सुनाई देगी।
25 जुलाई से फिर चार मास तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इसी दिन से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी) से कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी) तक के चार पवित्र महीनों (आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन) की अवधि है, जिसमें भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं। इस साल 25 जुलाई से 20 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह या गृह प्रवेश नहीं होंगे।
शादी की तिथियां
जून 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई 1, 6, 7, 11,
नवंबर 21, 24, 25, 26,
दिसंबर 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12