मैडम! दो साल पहले निकाह हुआ था। चार-पांच महीने बाद ही सुसराली उत्पीड़न करने लगे। पेट में पल रहे तीन माह के गर्भ को भी गिरवा दिया। अब मायके में रह रही हूं। ससुराल जाना चाहती हूं। लेकिन, वह रखने को तैयार नहीं। थाना और सीओ से लेकर एसपी तक से शिकायत की। कहीं से इंसाफ नहीं मिला। कोखराज के राला की रहने वाली शाहीन बानो की यह पीड़ा सुन राज्य महिला आयोग की सदस्य बोलीं आप परेशान न हों। न्याय जरूर दिलाया जाएगा।
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा मंगलवार को विकास भवन के सरस हाल में महिला उत्पीड़न संबंधित जनसुनवाई कर रही थीं। शाहीन की तरह ही अन्य कई महिलाओं ने अपनी पीड़ा उन्हें सुनाई। संदीपनघाट की बिटोला देवी ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने उनकी भूमिधरी जमीन पर कब्जा कर लिया है। कब्जेदार मारपीट व गालीगलौज भी करते हैं। जमीन की नापजोख के लिए चायल तहसील गई थी। लेकिन, पैमाइश भी नहीं हुई। करीब एक साल से न्याय पाने के लिए भटक रहीं हूं।
अफजलपुरवारी की ऊषा देवी ने राशन कार्ड बनवाने, भरवारी के पुरानी बाजार की साजिदा बेगम ने मारपीट के मामले दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। जनसुनवाई में 16 महिलाओं की समस्याएं सुनीं गईं। इनमें से दो की शिकायतों का निस्तारण हुआ। अन्य मामलों को संबंधित विभागों को दे दिया गया।
देखी स्कूल की व्यवस्थाएं, कराई अन्नप्रासन व गोद भराई
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने मंझनपुर ब्लॉक के टेवां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां बच्चों का अन्नप्रासन, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई। बच्चों में बिस्किट आदि का वितरण किया। मंझनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। शिक्षा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
ओसा स्थित कांशीराम गेस्ट हाउस में अफसरों के साथ बैठक की। इसमें महिलाओं, बालिकाओं, छात्राओं के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद