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भरवारी में आलीशान बंगला वालों को मिला प्रधानमंत्री आवास

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प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय में बड़े पैमाने पर खेल उजागर हुआ है। गरीब, बेसहारों के लिए बनी योजना से आलीशान बंगले वालों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसका खुलासा चायल क्षेत्र के भाजपा विधायक संजय गुप्ता की जांच में हुआ है। सोमवार को डूडा कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे विधायक विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली पर भड़के उठे। दफ्तर से ही उन्होंने डीएम और निदेशक सूडा से शिकायत करते हुए रिश्वत लेकर आवास आवंटित करने का आरोप लगाया।
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विधायक ने बताया कि रविवार को जन सुनवाई के दौरान नगर पालिका परिषद की दर्जन भर से ज्यादा महिलाओं ने शिकायती पत्र देकर बताया कि पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए बिचौलिए उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक सोमवार की दोपहर विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय पहुंच गए। अभिलेखों का निरीक्षण करने पर वह सन्न रह गए। जांच में पाया कि पुरानी बाजार भरवारी निवासी आलीशान बंगले की मालकिन रजिया बेगम को आवास आवंटित किया गया है।
इसी तरह मुरादपुर-भरवारी के मूलचंद्र की पत्नी मुनिया उसके बेटे सुनील की पत्नी रेखा व भाई राजेश की पत्नी रजिया देवी के नाम आवास आवंटित किया गया है। बड़े-बड़े पक्के मकान के मालिक एक ही घर के तीन सदस्यों के नाम योजना की धनराशि जारी होने पर विधायक का पारा गरम हो गया। विधायक ने आरोप लगाया कि सर्वेयरों के जरिए रिश्वत वसूल कर विभाग अपात्रों को योजना से लाभान्वित करा रहा है। जबकि आवासहीन, बेसहारा गरीब योजना से वंचित हो रहे हैं। इससे पीएम मोदी और भाजपा सरकार की अति महात्वाकांक्षी जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। विधायक ने जिले में 75 फीसदी आवास अपात्रों को आवंटित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत डीएम अमित कुमार सिंह के साथ ही डायरेक्टर सूडा उमेश प्रताप सिंह से की है।
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पहले डीपीआर में अपात्र होने के बाद तीन साल बाद कैसे जारी हुई धनराशि
मंझनपुर। विधायक ने जिन चार अपात्रों को पकड़ा उनका नाम पहले डीपीआर में था। जबकि इस समय चौथे डीपीआर पर काम चल रहा है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने सवाल किया कि पहली सूची में अपात्र किए गए लोग चौथी सूची में कैसे पात्र कर दिए गए।
987 आवेदनों में सिर्फ 55 को मिला आवास
मंझनपुर। विधायक संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान आवास के लिए उनके यहां अब तक 987 प्रार्थना पत्र आ चुके हैं। जिन्हें उन्होंने नगरीय विकास अभिकरण को अग्रसारित कर दिया था। विभाग ने इनमें से सिर्फ 55 को आवास आवंटित किया है। सवाल किया कि क्या ये सभी अपात्र थे? विधायक ने साफ आरोप लगाया कि उनके द्वारा अग्रसारित आवेदनों में रिश्वत की गुंजाइश नहीं होने के कारण अपात्र कर दिए गए हैं।
विधायक चायल ने प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय को लेकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि रिश्वत लेकर अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया दै। मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अमित कुमार सिंह-डीएम
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