प्रेमी युगल ने घर में फांसी लगाकर दी जान
लड़की के घर वालों ने दोनों को घर में कर दिया था बंद, तब उठाया आत्मघाती कदम
चरवा कोतवाली क्षेत्र के उदाथू गांव की घटना, कोहराम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/चरवा (कौशाम्बी)। चरवा कोतवाली क्षेत्र के उदाथू गांव में सोमवार रात एक प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर जान दे दी। दरअसल लड़की के परिजनों ने घर में दोनों को बंद कर दिया था। लोकलाज के डर से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया। मामले में किसी ने भी तहरीर नहीं दी है।
उदाथू गांव का रामलौटन खेती करके परिवार का खर्च चलाता है। सोमवार रात वह परिवार के साथ खेत गया था। घर पर बेटी गोरकी (19) अकेली थी। बताया जाता है कि इस दौरान पड़ोस में रहने वाला प्रेमी ननकुल (20) पुत्र गोरेलाल गोरकी के घर पहुंच गया। गोरकी के सगे भाई नरेंद्र व चाचा ने ननकुल को घर जाते हुए देख लिया था। इसके बाद इन लोगों ने दरवाजा बाहर से बंद कर लिया और शोर मचाने के साथ ही भाई व पिता को बुलाने के लिए निकल पड़े। ऐसे में प्रेमी युगल ने खुद भी दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। लोकलाज के डर से युगल ने कमरे में रस्सी के सहारे धन्नी से लटककर जान दे दी। कुछ देर बाद खबर पाकर लड़की के माता-पिता आदि मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से वह खिड़की तोड़कर भीतर दाखिल हुए तो दोनों को फंदे पर लटकता देख सन्न रह गए। युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि लड़की ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से दोनों परिवारों की रो-रोकर हालत खराब हो गई। पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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सूझबूझ का परिचय देते भाई-चाचा तो नहीं जाती जान
दरवाजा बंद करने के बाद भी शोर नहीं मचाते तो पकड़ लिया जाता युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। गोरकी के चाचा और भाई सूझबूझ का परिचय देते तो शायद प्रेमी युगल की जान नहीं जाती। इनका मकसद लड़के को पकड़ना था तो सिटकनी बंद करने के बाद शोर मचाने से परहेज करना चाहिए था। हल्ला करने का नतीजा रहा कि युगल ने भी कुंडी अंदर से बंद कर खुद को कैद कर लिया और जीवन लीला समाप्त कर ली। अब पुलिस नासमझी करने वालों के खिलाफ यह कहकर कार्रवाई नहीं कर रही है कि इनका इरादा आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का नहीं था।
बताया जाता है कि गोरकी और ननकुल के बीच प्रेम संबंध की शुरूआत करीब डेढ़ साल पहले हुई। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी परिजनों को नहीं थी। दोनों का घर आमने-सामने है। लिहाजा परिवार वालों के साथ पड़ोसियों को भी सबकुछ पता था। बंदिशें लगाने में भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी गई थी। इसी का परिणाम रहा कि सोमवार रात जब गोरकी के परिवार वाले खेत चले गए तो ननकुल उससे मिलने के लिए उसके घर गया। संयोग रहा कि गोरकी के चाचा पराने और भाई नरेंद्र ने ननकुल को भीतर जाते हुए देख लिया था। जिसके बाद इन लोगों ने दरवाजा बाहर से बंद करके शोर मचाना शुरू कर दिया। भाई तो जोर-जोर से यह बात कहकर खेत के लिए रवाना हुआ कि पिता को बुलाने जा रहा हूं। इससे दोनों ने खुद भीतर से सिटकनी बंद करके मौत को गले लगा लिया। ग्रामीणों का कहना था कि भाई-चाचा यदि ननकुल को पकड़ना ही चाहते थे तो दरवाजा बंद करने की जरूरत नहीं थी। भाई-चाचा की नासमझी से घटना हुई। मामले में चरवा कोतवाल राधेश्याम वर्मा का कहना है कि भाई-चाचा का उद्देश्य ननकुल को पकड़ना था। इरादा खुदकुशी करने के लिए उकसाने का नहीं था। इसलिए कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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रिश्तों की मर्यादा का ख्याल था, सो नहीं किया विवाह
मंझनपुर। गोरकी और ननकुल एक ही परिवार तथा बिरादरी के थे। दोनों पारिवारिक रिश्ते में भाई-बहन लगते थे। इनको तो रिश्ते की परवाह नहीं थी, लेकिन परिवारीजनों को मर्यादा का ख्याल था। नतीजा रहा कि सबकुछ जानने के बाद भी वह शादी के लिए तैयार नहीं हुए। जबकि युगल ने दबाव बना रखा था। गोरकी के परिजनों ने रिश्ता देखना शुरू भी कर दिया था। इसी बीच युगल की जिंदगी ही समाप्त हो गई।
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गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात
मंझनपुर। घटना के बाद से गांव में दोनों परिवारों के बीच तनातनी की स्थिति है। सुबह ही पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लिहाजा सभी पुरुष पोस्टमार्टम हाउस चले गए, वहीं महिलाएं एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती रहीं। एहतियातन गांव में दो दरोगा और छह सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी गई। यह पूरे दिन मुस्तैद रहे।
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इनका कहना है
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दोनों परिवारों की ओर से किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मरने वाले एक ही परिवार के हैं। लोकलाज के डर से उन्होंने खुदकुशी की।-अशोक कुमार-अपर पुलिस अधीक्षक