कोर्ट ने सात जनवरी को मुकदमें का परीक्षण शुरू किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीष पास्को अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी ने आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। साथ ही सात गवाह प्रस्तुत किए। इस मामले में अदालत ने आरोपी पर लगाए गए आरोप साबित पाते हुए बृहस्पतिवार को दोष सिद्ध किया। शुक्रवार को दोषी मिथलेश उर्फ सुग्गा को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। इसके अलावा दोषी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।