कमरे से प्रेगनेंसी किट मिलने पर गहरा गया था शक
इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने जब शक के दायरे में आए युवती के पिता नरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में उसके घर में बेटी के पास से प्रेग्नेंसी टेस्ट करने वाली किट मिली। दावा किया कि वह पॉजिटिव थी। बताया कि उसकी बेटी किसी से फोन पर बात किया करती थी। उसे शक पहले से था, लेकिन किट मिलने के बाद शक यकीन में बदल गया।
इस पर उसने पत्नी शोभा के साथ मिलकर बेटी का दुपट्टे से गला घोट दिया। इसके बाद बैट्री वाले तेजाब से लाश गलाने का प्रयास किया।अफसरों ने बताया कि नरेश ने अपने भाई गुलाब और रमेश के साथ मिलकर लाश नदी में फेंक दी। पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये बतौर पुरस्कार दिए।
अपने ही बुने जाल में फंस गया पिता
बेटी की हत्या कर शव ठिकाने लगाने से पहले नरेश ने एक कहानी गढ़ी। तीन फरवरी को जब उसने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई तो बताया कि बेटी 31 जनवरी से लापता है। वह उसकी खोजबीन कर रहा था। पुलिस ने जब उससे पूछा कि कहां-कहां खोजबीन की, तो वह गुमराह करने लगा। इसके बाद परत-दर-परत घटनाक्रम से पर्दा उठने लगा।
छोटी बहन से से पूछताछ में सुराग मिले
टेनशाह आलमाबाद में युवती के मिले शव की नरेश ने शिनाख्त तो कर ली, लेकिन उसके हावभाव से लग रहा था कि उसे घटना से कोई दुख नहीं है। नरेश की पत्नी भी रोने का नाटक कर रही थी। छह बहनों में दूसरे नंबर पर रही युवती की एक सात वर्षीय बहन की ही रो रही थी। पुलिस ने बच्ची से पूछताछ की तो कुछ सुराग हाथ लगे। नरेश के घर से पुलिस ने आरोपी का मोबाइन फोन, अन वांटेड दवा (गर्भ निरोधक) का रैपर, युवती का शाल व चप्पल, इस्तेमाल की हुई किट और बैट्री के तेजाब की पिपिया बरामद की है।