मंझनपुर। तीन बेटियों को जहर खिलाकर मार डालने वाले नौढ़िया करेंहटी गांव के ओमप्रकाश को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। शुक्रवार को अदालत ने सजा देते समय 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। तीन बेटियों की हत्या की यह दिल दहलाने वाली वारदात 5 साल पहले हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीसीजी (फौजदारी) त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक कोखराज कोतवाली क्षेत्र के नौढ़िया करेंहटी गांव निवासी ओमप्रकाश की 4 बेटियों सोनम, अंजना, बड़की, छोटकी की 18 जुलाई 2010 की शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। लड़कियों को एक साथ उल्टियां होते देख परिवार के अन्य सदस्यों के होश उड़ गए। परिवार के लोग घर आए तो बच्चे ही घर में थे।
मां मायके गई थी जबकि ओमप्रकाश का अता-पता नहीं था। लोग लड़कियों को लेकर अस्पताल गए तो पता चला सोनम, अंजना और छोटकी की मौत हो चुकी थी जबकि इलाज के बाद बड़की बच गई। सूचना पर आए पिता ओमप्रकाश ने पत्नी सुमन पर ही बेटियों को जहर देकर मार डालने का आरोप लगा दिया। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर सुमन को मायके से धर दबोचा। पूछताछ में उसने बताया कि 18 जुलाई 2015 की सुबह पति से उसका झगड़ा हुआ था। पति ने उसकी पिटाई भी की थी।
पीटने के बाद उसे घर से भगा दिया था। बेेटे आकाश ने भी पूछताछ में खुलासा किया कि उसके पिता ने ही बहाने से उसकी बहनों को कुछ खिला दिया है। इस खुलासे के बाद कोखराज पुलिस ने पिता ओमप्रकाश को दबोच लिया। पूछताछ में उसे अपना गुनाह कबूल कर लिया। बताया कि पत्नी से हुए झगड़े के बाद गुस्से में आकर उसके हाथ अनहोनी हो गई। पुलिस ने उसे जेल भेजने के बाद आरोप पत्र तैयार कर अदालत में प्रस्तुत किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय मलिक ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद ओमप्रकाश को तीनों बेटियों की हत्या का गुनाहगार पाते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।