कभी शादी का नाम सुनते ही चिंता में डूब जाने वाली बेटियां आज आत्मविश्वास के साथ अपनी नई जिंदगी संवार रही हैं। सरकार की सामूहिक विवाह व शादी अनुदान योजना से मुश्किलें आसान हो गईं। शादी के बाद मिली आर्थिक मदद अब कई परिवारों की तरक्की की वजह बन रही है।
मंझनपुर के टिकरी की रहने वाली रीना बताती हैं कि शादी से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी। लेकिन विवाह के बाद मिले अनुदान से उन्होंने ब्यूटी पार्लर शुरू किया। आज वह खुद कमाने के साथ परिवार का सहारा बनी हैं।
सुनीता कहती हैं कि पहले घर चलाना मुश्किल था लेकिन अब अनुदान की राशि से शुरू किए गए मवेशी पालन से आय बढ़ी है। पहले तो तीन बकरी खरीदी था। अब करीब आधा दर्जन बकरियां हैं। इससे आने वाले दिनों में जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। इन बेटियों की कहानियां बताती हैं कि यह योजना केवल शादी तक सीमित नहीं है। बल्कि इसके जरिए परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
एक नजर योजना पर
गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक मदद
प्रत्येक जोड़े पर लगभग कुल एक लाख रुपये खर्च
60 हजार रुपये स्वरोजगार व आजीविका के लिए मदद
गृहस्थी के लिए 25 हजार रुपये तक के उपहार
15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च