आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला कारागार में सजा काट कर रहे खुद्दा पटेल की नेक नियती ने उसे फिर से अमन चैन से रहने की राह दिखाई। खुद्दा के अच्छे आचरण के कारण शासन ने उसकी सजा माफ कर दी है।
पूरामुफ्ती के काजीपुर निवासी खुद्दा पटेल उर्फ शिव दर्शन के खिलाफ वर्ष 2009 में जानलेवा हमले व गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में खुद्दा को 17 जनवरी 2018 को आठ साल की कैद व जुर्माने की सजा हुई। सजा के बाद जेल में बंद खुद्दा का आचरण अच्छा रहा। वह बंदियों के साथ सामान्य व्यवहार करता था और जेल प्रशासन के कार्यों में हाथ बंटाता था।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शासन के निर्देश पर कैदियों को रिहा किया गया। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया खुद्दा शासन की तरफ से निर्धारित गाइड लाइन को पूरा कर रहा था। इस कारण उसका नाम सजा माफी के लिए प्रस्तावित किया गया। खुद्दा ने 66 फीसदी सजा भी काट ली थी। 15 अगस्त के दिन खुद्दा की रिहाई का फैसला हुआ। कागजी औपचारिकता पूरा करने के बाद खुद्दा को रिहा कर दिया गया है।