घटना के बाद आरोपियों के घर में लगाई गई आग।
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भाेर में पांच बजे का वक्त था। घरवाले नींद से जगे ही थे। मैं मुंह धुलने के लिए आंगन में आया और तभी अचानक हाथ में लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी व असलहे लिए 10-12 लोग घर में घुस आए। कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने गालियां देनी शुरू कर दीं। अगले ही पल एक व्यक्ति ने मुझे गोली मार दी। इसके बाद न सिर्फ मेरे बल्कि पड़ोस में रहने वाले दो चाचा के घर में भी आग लगा दी।’
कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र निवासी अनूप सिंह जब यह बातें बता रहा था, तो उसकी आंखें भर आईं। दर्द से कराहते हुए भरी हुई आंखों से उसने बताया कि वह घर में ही किराना की दुकान चलाता है। घर में दो बच्चे हैं और पत्नी के अलावा माता-पिता भी रहते हैं। रोज की तरह शुक्रवार सुबह पत्नी उठी और बच्चों के लिए टिफिन बनाने लगी। मेरी नींद खुली तो मैंने सोचा कि मुंह धुलकर बच्चों को जगा दूं। आंगन में जाकर मुंह धुल रहा था कि अचानक 10-12 लोग घुस आए। उनके हाथ में लाठी डंडा, कुल्हाड़ी व असलहे भी थे। आते ही उन्होंने गालियां देनी शुरू कर दी। कुछ समझ नहीं आया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं।