संवाद न्यूज एजेंसीमंझनपुर। दोआबा में मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। इस रोज पषोषा में मंदिरों का दर्शन करने के साथ ही मेला देखने के लिए जहां एक ओर हजारों की भीड़ जुटी। वहीं, गंगा-यमुना घाटों पर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। क्षमता के हिसाब से दान-पुण्य भी किया गया। पौष मास में सूर्य जब मकर राशि पर आता है, तभी इस पर्व को मनाया जाता है। अभी तक यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें दिन मनाया जाता था। पर, अब इस बार से पंद्रहवें दिन मनाया जाएगा। जानकारी के अभाव में जिले के तमाम लोगों ने 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मना डाली थी। इसके बाद बुधवार को भी त्योहार पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया।
इस रोज शक्तिपीठ कड़ा धाम सहित सभी मंदिरों में दर्शन-पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने कड़ा, कुबरी, संदीपन, हनुमान, बदनपुर, असदपुर, फतेहपुर, पल्हाना आदि गंगा घाटों पर हजारों की तादात में आस्था की डुबकी लगाई। यमुना घाटों पर भी बड़ी संख्या में स्नान किया गया। पभोषा में मकर संक्रंति के मौके पर मेला लगा हुआ था। मेले में पहुंचे लोगों ने जैन मंदिर के साथ ही कपिला गाय के मंदिर में पहुंचकर पूजन किया। फिर मेले का लुफ्त उठाया। यहां भी यमुना में स्नान किया गया। विद्वानों का कथन है कि मकर संक्रांति पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। लिहाजा गरीबों के बीच लोगों ने अनाज, कंबल आदि का वितरण भी किया। सभी मंदिरों तथा घाटों पर सफाई, सुरक्षा सहित आदि इंतजामों को लेकर जिला प्रशासन गंभीर रहा।