जय मां लोककला समिति की ओर से रविवार को मंझनपुर में वसंत महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान जिलेभर से जुटे लोक कलाकारों ने गीतों के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। वसंती गीतों से फिजा महक उठी। अपने फन का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को समिति की ओर से सम्मानित भी किया गया।
जय मां लोककला संगीत समिति की ओर से मंझनपुर में आयोजित वसंत महोत्सव की शुरुआत समिति के निदेशक अशोक रसिया ने मां सरस्वती को समर्पित गीत से की। इसके बाद देशराज पटारिया, संगमलाल चौधरी, जयकरन जिद्दी, कृष्ण कुमार, कैलाश जख्मी, रामकली, नथिया देवी, मुनिया देवी, राजकुमारी, हीरालाल सिंह, लल्लू प्रसाद, धुरपतिया देवी, इंदुबिहारी, इंद्रराजी, शिवकुमार, सूर्यभान आदि कलाकारों ने वसंती फाग समेत विभिन्न विधाओं के लोकगीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल, मंजीरा, हारमोनियम, झांझ समेत विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ लोक कलाकारों की सुरीली आवाज से फिजा वसंती बन गई।
इस दौरान समिति की ओर से कलाकारों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। कलाकारों ने मिटती लोककला पर चिंता जाहिर की। देश की इस विरासत को बचाने में नई पीढ़ी को आगे आने का आह्वान किया। मौके पर शारदा प्रसाद, अयोध्या प्रसाद, बब्बूराम, राजकुमारी, मुनिया देवी, गीता देवी, सांवरिया देवी, मैकीदेवी, शांतिदेवी, छेदीलाल, जीतलाल, भगवान दीन, राघवेंद्र प्रताप सिंह, शिवकुमार, विजय कुमार गुप्ता, हरिबिलास, मक्खनलाल, मोहम्मद कल्लू, अमरनाथ, धर्मराज यादव आदि मौजूद रहे।