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दिहाड़ी के लिए भटक रहे हैं मजदूर

Tue, 28 Apr 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई करने वाले करीब 120 मजदूर दो महीने से दिहाड़ी के लिए भटक रहे हैं। इनका आरोप है कि कई बार प्रधान, खंड विकास अधिकारी से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे मजदूरों में आक्रोश है।
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सिराथू तहसील क्षेत्र के शमसाबाद गांव में तालाब खुदाई का करीब 3.58 लाख रुपये का स्टीमेट ग्रामसभा की ओर से बनाया गया था। ब्लाक से स्वीकृति मिलने के बाद ग्राम प्रधान ने मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई करवाई थी। गांव के रहने वाले मनरेगा मजदूर शिवशंकर, रामपति, शिवरानी, बृजरानी, फूलमती, अनिल कुमार, भोलानाथ, ओमप्रकाश, रामबाबू, दुर्गाप्रसाद आदि ने बताया कि 30 दिनों तक तालाब खुदाई का काम कराया गया था। इसमें करीब 120 मजदूरों ने काम किया है। मजदूरों की मानें तो करीब दो महीने पहले तालाब खुदाई का काम पूरा हो चुका है।



इसके बाद भी अब तक उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा सका है। मजदूरी नहीं मिलने से सभी मजदूर परेशान हैं। मजदूरों का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी दिहाड़ी नहीं दिलाई जा रही है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मंगलवार को भी खंड विकास अधिकारी से शिकायत की। चेताया कि यदि तीन दिन के भीतर उन्हें मजदूरी नहीं दी गई, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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