हत्यारे ने पति की हत्या की सुपारी ली, मगर उसे मारने के बजाए सुपारी देने वाली पत्नी को ही मार डाला। चित्रकूट के छीबो गांव की विवाहिता शोभादेवी की हत्या के मामले में ये खुलासा हुआ है। सुपारी किलर ने पति की हत्या में नाकाम रहने पर पैसे लौटने के बजाय शोभा की ही हत्या कर दी। शुक्रवार को पुलिस ने सुपारी किलर के साथ ही विवाहिता की चचेरी बहन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करके शोभा हत्याकांड का खुलासा किया।
करारी थाना क्षेत्र के दशरथपुर और सचवारा गांव के समीप 8 दिसंबर को झाड़ी में एक विवाहिता की रक्तरंजित लाश मिली थी। हाथ में बने कालीचरन नाम के टैटू से शव की पहचान चित्रकूट के छीबो गांव के रहने वाले श्याम बिहारी शुक्ल की बेटी शर्मिला उर्फ शोभा देवी के रूप में हुई। शोभा की शादी फतेहपुर के मलूकपुरवारी गांव के कालीचरन से हुई थी। शव की शिनाख्त होने के बाद कत्ल की वजह और हत्यारों की तलाश में जुटी एसओजी और करारी पुलिस ने शुक्रवार को सुपारी किलर ओमप्रकाश निवासी इब्राहीमपुर करारी, मृतका की चचेरी बहन जलसा और संदीप सरोज निवासी लहना करारी को कांशीराम कालोनी मंझनपुर से गिरफ्तार इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ.के एजिलरसन ने बताया कि शोभा का पति कालीचरन शराब का आदी था। नशे के लिए वह जमीन और घर के सामान तक बेचने लगा था। पति की नशेड़ी प्रवृत्ति से शोभा इस कदर आजिज आ गई थी, कि उसने पति की हत्या कराने का फैसला कर लिया। उसने अपनी चचेरी बहन जलसा के माध्यम करारी के इब्राहीमपुर गांव के शातिर बदमाश ओमप्रकाश शुक्ल को 50 हजार रुपये में पति की हत्या की सुपारी दे दी। मगर पैसे लेने के बाद भी ओमप्रकाश शोभा के पति कालीचरन की हत्या नहीं कर सका। उसने हत्या करने के लिए ली गई रकम भी खर्च कर डाली। शोभा के पैसे मांगने पर पहले वह बहाने बनाता रहा। फिर उसने शोभा को ही मार डालने की सोची।
उसने शोभा को उसकी चचेरी बहन जलसा से पैसे देने के बहाने से करारी में बुलाया। यहां से वह अपने साथी संदीप सरोज के साथ उसे सचवारा गांव के समीप ले गया। जहां दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। चापड़ से भी कई वार किए। मौत के घाट उतारने के बाद शव झाड़ी में फेंककर हत्यारे भाग निकले। पुलिस ने सुपारी किलर ओमप्रकाश की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद कर लिया है।