बर्फीली हवाओं के कारण कौशाम्बी में शीतलहर का असर बना हुआ है। कड़ाके की ठंड और गलन के कारण जनजीवन 15 दिनों से अस्त-व्यस्त बना है। ठंड के कारण जनपद में मौत का सिलसिला भी नहीं थम रहा है। रोजाना किसी न किसी इलाके में जाड़े की जद में आकर मौत भी हो रही है। शनिवार की रात भी सिराथू इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई। भीषण ठंड और इससे हो रही मौतों के बाद भी जिले में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सिर्फ खानापूर्ति तक की सिमटी है।
कौशाम्बी में 15 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वैसे भी पूस का महीना तेज ठंड का माना जाता है। इस साल बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का कहर कुछ ज्यादा ही है। आलम यह है कि ऐसी तीखी गलन है। जिसके कारण बंद कमरे में हाथ-पैर सुन्न बने रहते हैं। शीतलहर के कारण दिन में चटकने वाली धूप भी निस्तेज बनी रहती है। रविवार को धूप निकली थी, लेकिन जैसे ही सूर्यास्त हुआ।
ठंड फिर अपने पूरे तेवर के साथ आ धमकी। सुबह-शाम की भ ठंड में सिर्फ आग ही लोगों का सहारा है। इसके बाद भी जिले में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के इंतजाम सिर्फ खानापूर्ति तक ही सिमटे हैं। जबकि जनपद में शासन की ओर से अलाव और कंबल वितरण के लिए 15 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। इधर, मंझनपुर तहसील क्षेत्र में ही देखें तो दो-चार गिने-चुने स्थानों पर ही अलाव की व्यवस्था की गई है। मंझनपुर-समदा मार्ग पर भड़ेसर और जिला कचहरी जाने वाली चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों ने गुस्सा जताया है। यहां के रहने वाले दुकानदार बसंतलाल साहू, प्रदीप, मोहम्मद शमीम, गुफरान, शिवकुमार, रामराज, बुधराम आदि ने एसडीएम से इस चौराहे पर अलाव की मांग की है।