पिपरी-झलवा मार्ग स्थित बेशकीमती जमीन कब्जे को लेकर बृहस्पतिवार की सुबह शेरपुर गांव के दो पक्ष भिड़ गए। आमने-सामने हुए लोगों में जमकर लाठी-डंडे चले। गोलियां भी दागी गईं। छर्रे लगने और मारपीट में महिलाओं समेत 6 लोग जख्मी हो गए। बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स, पीएसी लेकर एएसपी, सीओ के पहुंचने पर हमलावर भागे। पुलिस ने घायलों को एसआरएन हास्पिटल में भर्ती करवाया। जहां लाठी-डंडे के हमले में जख्मी एक वृद्ध की हालत गंभीर बनी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 15 लोगों को हिरासत में ले रखा है। सीओ ने बताया कि अभी किसी भी ओर से कोई तहरीर नहीं मिली। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट लिखी जाएगी। किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना से गांव में तनाव के मद्देनजर फोर्स तैनात कर दी गई है।
पिपरी थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में अदान सिंह यादव और निवर्तमान प्रधान मानसिंह यादव के बीच जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। अदान सिंह की मानें तो सड़क किनारे उनकी करीब 1 बीघा जमीन है। इसकी मौजूदा समय में कीमत करीब एक करोड़ होगी। आरोप है कि इस जमीन पर निवर्तमान प्रधान आदि ने कब्जा कर रखा है। बुधवार शाम दोनों पक्षों के लोग घोसी गांव दावत में गए थे। वहीं इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। उस समय लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था। बुधवार रात हुई कहासुनी को लेकर ही बृहस्पतिवार की सुबह विपक्षियों ने अदान सिंह के यहां हमला बोल दिया। घर के सामने बैठे मिले अदान को दबोचकर लोग पीटने लगे। चीख-पुकार पर अदान सिंह के परिजन और दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए। देखते ही देखते इनकी बीच जमकर मारपीट होने लगी। लाठी-डंडे चलने के साथ ही गोलियां भी दागी गईं। छर्रे लगने से अदान सिंह और दूसरे पक्ष के राम सिंह और लाठी-डंडे के हमले में अदान सिंह का बेटा सानू और दूसरे पक्ष के बड़ेलाल, उसकी पत्नी पार्वती देवी, रीना पत्नी बाला घायल हो गए।
मारपीट, फायरिंग से पूरे गांव में दहशत फैल गई। अनहोनी की आशंका से सहमे गांववालों ने बावल की सूचना पुलिस को दी। खबर लगते ही कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों को लेकर एएसपी, सीओ चायल, थानेदार गांव पहुंचे। पुलिस फोर्स देखकर उपद्रवी भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर दोनों पक्षों के 15 लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी घायलों को एम्बुलेंस मंगाकर एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद भेजा गया। वहां बड़ेलाल की हालत गंभीर बनी है। घटना से गांव में तनाव की स्थिति है। इसके मद्देनजर फोर्स तैनात है। सीओ चायल रामभवन यादव ने बताया कि जमीन विवाद में बवाल हुआ है। अभी किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली। जांच की जा रही है। तफ्तीश और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पिपरी के शेरपुर गांव में जमीन विवाद की यह रंजिश 10 महीने से सुलग रही है। सड़क किनारे स्थित कीमती जमीन पर कब्जे को लेकर फरवरी महीने में ही दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस दौरान अदान सिंह और उनकी पत्नी समेत कई लोग जख्मी हुए थे। मामला पुलिस तक पहुंचा था। आरोप है कि पुलिस ने प्रधानपक्ष के लोगों की तहरीर पर अदान सिंह पर एफआईआर लिखकर उन्हें जेल भेज दिया था, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों पर सत्तापक्ष के नेताओं के दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांववालों का मानना है कि पुलिस की इसी मनमानी और नेताओं के दबाव के कारण जमीन का यह विवाद धीरे-धीरे खूनी संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि यदि इस बार भी पुलिस ने पिछली कहानी दोहराई तो किसी भी रोज बड़ी घटना हो सकती है।