कौशाम्बी में मंगलवार रात से अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तेज हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। यह सिलसिला बुधवार को भी बना रहा। आसमान से फुहारें पड़ने के साथ ही मौसम नम हो गया। अचानक ठंड बढ़ गई। उधर, दिन भर की बूंदाबांदी से सड़कों पर फिसलन हो गई। इससे आवागमन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दो साल से मौसम का मिजाज किसी के भी समझ में नहीं आ रहा है। मार्च-अप्रैल में बेमौसम भीषण बारिश और ओलावृष्टि हुई। मानसून पूरी तरह से सूखा रहा। कार्तिक का महीना बीत गया लेकिन ठंड का नामोनिशान गायब रहा। इधर, अगहन आते ही मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। मंगलवार को अचानक धूल भरी आंधी चली। करीब 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण कई लोगों के छप्पर और टीनशेड गिर गए। आंधी थमी तो आसमान काले बादलों से भर गया।
मंगलवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी बुधवार को भी दिन भर रुक-रुककर होती रही। इससे सड़कों पर फिसलन हो गई। सड़क पर पानी, कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिराथू कस्बे के तो मुख्यमार्ग पर कई स्थानों पर जलजमाव से लोगों का इस रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा था। दिन भर हुई बूंदाबांदी से मौसम नम हो गया है। ठंड ने भी अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया। हालांकि बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बता दें कि मानसून में बारिश नहीं होने से किसानों की खरीफ की खेती चौपट हो गई थी। खेत सूखे पड़े होने के कारण वे गेहूं आदि की बुआई भी नहीं कर पा रहे थे। अब इस बूंदाबांदी के बाद किसान गेहूं, सरसों आदि की बुआई कर लेंगे।