दोआबा के जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब मध्यान्ह भोजन के साथ दूध नहीं मिल सकेगा। दरअसल शुद्ध दूध नहीं मिलने के कारण शिक्षकों ने योजना का बहिष्कार कर दिया है। अध्यापकों के निर्णय से बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। बीएसए ने शिक्षक संगठन से वार्ता की बात कही है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने नौनिहालों की सेहत का ख्याल रखते हुए उन्हें बुधवार को एमडीएम के साथ दूध उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई थी। शुरुआती दौर से ही शिक्षकों को यह योजना रास नहीं आ रही है। नौ सितंबर को शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा था।
इसमें शुद्ध दूध उपलब्ध कराने अथवा शुद्धता की माप करने के लिए कोई यंत्र उपलब्ध कराने की मांग की थी। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री वेसाल अहमद ने बताया कि जिले के सभी जूनियर स्कूलों में अब बच्चों को दूध नहीं दिया जाएगा। प्रदेश संगठन ने योजना का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। प्रदेश संगठन के ही निर्देश पर अगला कोई कदम उठाया जाएगा। मामले में बीएसए अशोक यादव का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। शिक्षकों ने बहिष्कार किया है तो उनसे वार्ता की जाएगी।