तीन करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित विद्युत सब स्टेशन अजुहा का उद्घाटन कराने में विभाग ने जनता के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियो को भी धोखे में रखा। यह मामला इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। कहा जा रहा है कि उपकेंद्र में बिजली की आपूर्ति दिखाने के लिए टांडा फीडर से तार जोड़कर बल्ब जलाने के साथ और पंखे चला दिए थे। इससे लोग यह सच न जान सके कि उपकेंद्र में सप्लाई चालू नहीं हो सकी है।
बता दें कि अजुहा में तीन करोड़ रुपये की लागत से 33 केवीए सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है। इस स्टेशन का उद्घाटन 22 अगस्त को क्षेत्र के सपा विधायक वाचस्पति एवं एमएलसी रामवृक्ष यादव ने संयुक्त रूप से पूजा-पाठ कर किया था। सभास्थल पर उपकेंद्र चालू होने की बात प्रमुखता के साथ रखी गई थी। सपा नेताओं ने दावा किया था कि इस स्टेशन के चालू हो जाने से अजुहा क्षेत्र में बिजली का संकट खत्म हो जाएगा। मगर उद्घाटन के दिन उपकेंद्र चालू नहीं होने की बात को विभाग ने बेहद चालाकी से छिपाकर रखा। विभागीय सूत्रोें का कहना है कि इस सच को छिपाने के लिए अधिकारियों ने टांडा फीडर से तार जोड़कर उपकेंद्र में सप्लाई पहुंचा दी थी।
इससे उपकेंद्र में लगे बल्ब और पंखे चालू हो गए। इस तरह उद्घाटन कराकर विभाग के अधिकारी अपनी पीठ थपथपा वाहवाही लूट रफूचक्कर हो गए। लोगाें का कहना है कि अजुहा उपकेंद्र अब भी पूरी तरह से चालू नहीं हो सका है। विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा अजुहा उपकेंद्र को चालू हुए बिना चालू दिखाए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस बारे में विभागीय अधिकारी बात करने से कन्नी काट रहे हैं।
अधिशासी अभियंता का कहना है कि ऐसा होना नहीं चाहिए। वह मौके पर नहीं गए थे। इसलिए कुछ नहंीं बता सकते। उधर, सिराथू विधायक वाचस्पति का कहना है कि उन्हें इस बात की जरा भी जानकारी नहीं थी कि उपकेेंद्र चालू नहीं हुआ है। उन्हें विभागीय अफसरों ने यही बताया था कि उपकेंद्र चालू है। अगर विभागीय अफसरों ने ऐसा किया है तो अच्छी बात नहीं हैं। वह इस हकीकत को जानने के लिए अपने स्तर से भी पता लगाएंगे। झूठ बोलने वाले अधिकारियों की खैर नहीं होगी।