मंझनपुर। गहमागहमी के बीच गुरुवार को जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में मिनी सदन की बैठक हुई। इसमें पिछली बैठक के निर्णयों पर चर्चा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सवा दो अरब की लागत से तैयार जिला योजना के परिव्यय का अनुमोदन हुआ।
जिला योजना के अनुमोदन की वजह से गुरुवार को बुलाई गई मिनी सदन की बैठक बेहद अहम रही। पर, घंटों इंतजार के बावजूद 20 जिला पंचायत सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे। करीब डेढ़ बजे कोरम के लिए जरूरी 14 सदस्य पूरे होने के बाद जिला पंचायत के प्रशासक/डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सदन की बैठक शुरू कराई। अपर मुख्य अधिकारी एलएन खरे ने सबसे पहले पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के साथ ही नए प्रस्तावों पर चर्चा की।
तय हुआ कि अगले वित्तीय वर्ष में नए ठेकेदारों का पंजीयन किया जाए। राज्य वित्त योजना के तहत 2019-20 में प्राप्त होने वाली धनराशि से जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव प्राप्त कर कार्ययोजना को स्वीकृति दी जाए। सड़कों की ऑनलाइन शिकायतों पर चर्चा करते हुए एक किमी से कम दूरी वाले मार्गों के नवीनीकरण/मरम्मत के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। जिले में नमामि गंगे योजना के तहत निर्माणाधीन कड़ा, असदपुर, बदनपुर आदि पक्के घाटों का जल्द से जल्द काम पूरा कराने का निर्देश दिया। अंदावां में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य पूरा कराने का भी निर्देश दिया। शीतलपुर अंदावां में कांजी हाउस के मरम्मत, ओसा में गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना को स्वीकृति दी गई।
इसके बाद वर्ष 2019-20 के लिए विभिन्न विभागों द्वारा 224 करोड़ 86 लाख की लागत से तैयार जिला योजना के परिव्यय का अनुमोदन किया गया। मिनी सदन से अनुमोदन के बाद अब प्रभारी मंत्री की बैठक में जिला योजना को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद अंतिम मुहर के लिए शासन को भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ इंद्रसेन सिंह, डीएफओ ओपी अंबष्ट समेत सभी विभागीय अफसरों के साथ ही विधायक चायल संजय कुमार गुप्ता, सिराथू के शीतला प्रसाद व मंझनपुर के विधायक लाल बहादुर, जिला पंचायत सदस्य वंदना मौर्या, आशीष मौर्या, शिवमोहन मौर्या, भोला सरोज , सुमित कुशवाहा, कुसुम कली, ब्लॉक प्रमुख हरीमोहन यादव, सोनू, जितेंद्र सोनकर आदि सदस्य उपस्थित रहे।