शनिवार सुबह वह अपनी पत्नी बन्नो देवी के साथ शक्तिपीठ कड़ा धाम पहुंचा। कुबरी घाट पर गंगा स्नान के बाद दंपती ने मां के दरबार पहुंचकर माथा टेका। पत्नी माथा टेके हुए थी, इसी बीच संपत ने जेब से ब्लेड निकालकर अपनी जीभ काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। जीभ काटते ही उसकी हालत बिगड़ गई और खून बहने लगा।
शक्तिपीठ शीतला के दरबार में शनिवार को एक श्रद्घालु ने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अपनी जीभ काटकर चढ़ाने की कोशिश की, हालांकि वह जीभ पूरी नहीं काट पाया। उपचार के बाद वह बोलने की स्थिति में है। पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के पूरबशरीरा गांव का संपत (40) मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है।
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शनिवार सुबह वह अपनी पत्नी बन्नो देवी के साथ शक्तिपीठ कड़ा धाम पहुंचा। कुबरी घाट पर गंगा स्नान के बाद दंपती ने मां के दरबार पहुंचकर माथा टेका। पत्नी माथा टेके हुए थी, इसी बीच संपत ने जेब से ब्लेड निकालकर अपनी जीभ काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। जीभ काटते ही उसकी हालत बिगड़ गई और खून बहने लगा।
शोरगुल सुनकर पुरोहित समाज के जिम्मेदार भी मौके पर पहुंचे । उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ ही पीड़ित को इस्माइलपुर सीएचसी में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद, नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पत्नी बन्नो देवी के मुताबिक पति ने शुक्रवार रात देवी शीतला के दर्शन की इच्छा जाहिर की थी। संपत लाल की बेटी मनीता ने बताया कि कोई भी मन्नत नहीं मानी गई थी। पिताजी उसकी बहन के विवाह के दौरान लिए गए कर्ज से परेशान हैं।
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इनका कहना है
जीभ आंशिक रूप से ही कटी है। प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। संपत बोल सकते हैं, बातचीत करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। चौबीस घंटे के भीतर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। - डॉ.विवेक केसरवानी, चिकित्सक-संयुक्त जिला चिकित्सालय, मंझनपुर