बंदरों के आतंक से परेशान हैं कई गांव के लोग
उल्लेखनीय है कि मंझनपुर, भरवारी, सिराथू, अजुहा, पइंसा, चरवा, भरसवां, सहित कई स्थानों पर बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है। मंझनपुर के जिला अस्पताल के करीब रहने वाले बंदर हिंसक है। यह बंदर आए दिन मरीज या फिर उनके तीमारदारों पर हमला भी कर देते हैं। इसके अलावा अस्पताल की कॉलोनी में रहने वाले लोग बंदरों के आतंक से खौफजदा रहते हैं।
इसके बाद भी सरकारी स्तर पर बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़े जाने का इंतजाम नहीं किया गया। खुद प्रभागीय वनाधिकारी आरसी यादव का कहना है कि आवारा मवेशियों की तर्ज पर बंदरों को पकड़ने के लिए भी बजट का आवंटन किया जाता है। इस बाबत कई बार शासन को पत्र लिखा गया है। बजट के अभाव में विभाग की तरफ से बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।