घटना के बाद रोते बिलखते परिजन।
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गांव में सियापा, अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात
घटना के बाद पूरे गांव को चारों तरफ से सील कर दिया गया है और पुलिस फोर्स लगा दी गई है। गांव के अंदर किसी के भी प्रवेश करने पर मनाही है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। भूख प्यास के व्याकुल मवेशियों की आवाज ही सुनाई दे रही है। उनको चारा पानी देने वाला भी कोई नहीं बचा है। गांव में सिर्फ दो घर ही पासी हैं। शेष आबादी चौहान और यादव जाति के लोगों की है। हत्या का आरोप चौहान और यादव जाति पर होने के कारण गांव के सारे पुरुष भूमिगत हो गए हैं। उनके घरों में ताले लटके हुए हैं। जो लोग घर के अंदर हैं भी वह बाहर नहीं निकल रहे हैं।
तीन हत्याओं के बाद घरों में लगाई गई आग।
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10 बिस्वा जमीन के लिए चल रहा था विवाद
मृतक शिवसागर (22) कोखराज कोतवाली क्षेत्र के ककराबाद गांव का रहने वाला था। वह दो साल से मोहिद्दीनपुर गौस में सहज सेवा केंद्र का संचालन करता था। उसकी शादी पड़ोस गांव छबिलहां के रहने वाले होरीलाल सरोज (60) की बेटी बृजकली से दो साल पहले शादी हुई थी। वह पास में ही सहज जन सेवा केंद्र का संचालन करता था। कुछ समय पहले उसने गांव के ही धोबी बिरादरी के एक व्यक्ति से 10 बिस्वा जमीन पट्टे पर लिया था। उसने इसका अनुबंध भी कराया था। पट्टे की जमीन पर उसे कब्जा नहीं मिल पा रहा था। भूमि पर यादव और चौहान बिरादरी के लोगों ने कब्जा कर लिया था। इसी को लेकर उसका विवाद चल रहा था।
हत्या के बाद घरों में लगाई गई आग।
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आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने पर अड़े
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों का घर बुलडोजर से गिराने की मांग की। गांव में पहुंच एडीजी भानु भास्कर, आईजी चंद्रप्रकाश, एसपी बृजेश श्रीवास्तव से मृतक के परिजनों ने आरोपियों का घर बुलडोजर से ध्वस्त करने की मांग की। अधिकारियों से कहा कि बड़े बड़े लोगों की हत्या होने पर प्रशासन आरोपियों का घर बुलडोजर से गिरवा देती है। आज एक गरीब परिवार के तीन लोगों की हत्या हुई है। गरीबों की भी सरकार सुनवाई करे और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाकर पीड़ितों के साथ न्याय करे।