मां के चरित्र पर शक करता था बेटा
घटना के चश्मदीद छोटे बेटे जैकी ने बताया कि उसका बड़ा भाई अजय मां के चरित्र पर शक करता था। इसको लेकर आए दिन दोनों के बीच कहा सुनी होती थी। मंगलवार की रात भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई जो मारपीट में बदल गई। इसके बाद बेटे ने मां की गला दबाकर हत्या कर दी।
पति ने एक साल पहले फांसी लगाकर दे दी थी जान
पुलिस को छानबीन में पता चला है कि संगीता का पति नत्थू भी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। आरोप है कि पत्नी की इन्हीं हरकतों से तंग आग कर उसने एक साल पहले मनौरी वाले घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
मां की हत्या के बाद अनाथ हो गए बच्चे
संगीता पत्नी स्व. नत्थू सरोज के सात बच्चे हैं। उसने तीन साल पहले बड़ी बेटी काजल की शादी कर दी थी। नत्थू की मौते बाद मां संगीता ही बच्चों का सहारा थी और मजदूरी करके बच्चों का पालन पोषण करती थी। संगीता की मौत के बाद उसके छह बच्चे अजय (20), जैकी (18), शनि (14), सोनी (11), रानी (06), गुड़िया (03) अनाथ हो गए हैं।
इनका कहना है
चरित्रहीन होने के शक पर विवाद के बाद बड़े बेटे ने अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी है। छोटे बेटे की तहरीर पर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। - भुवनेश चौबे, थाना प्रभारी, संदीपन घाट कोतवाली।