सात साल की लंबी तपस्या और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर दोआबा की मंजू सदी के महानायक अमिताब बच्चन के सामने हॉट सीट पर तो बैठीं, लेकिन कुछ जटिल सवालों के कारण मंच से वापस आना पड़ा।
सात साल की लंबी तपस्या और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर दोआबा की मंजू सदी के महानायक अमिताब बच्चन के सामने हॉट सीट पर तो बैठीं, लेकिन कुछ जटिल सवालों के कारण मंच से वापस आना पड़ा। हालांकि मंजू को मलाल इस बात का नहीं कि वह प्रतियोगिता नहीं जीत सकी। उसे तो खुशी तो सिर्फ इस बात की है कि वह महानायक को करीब से देख सकी।
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सिराथू कस्बे के कानूनगो का पूरा निवासी शारदा प्रसाद सरकारी सेवा से रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने अपनी बेटी मंजू की शादी मीरापुर निवासी साफ्टवेयर इंजीनियर रमेश कुमार से की थी। महज 10वीं पास मंजू का सपना सदी के महानायक अमिताब बच्चन से मिलने का था। इसके लिए वह सात साल से कौन बनेगा करोड़पति की प्रतियोगिता में ऑनलाइन हिस्सा लेती रहीं। मंजू की लगन का नतीजा रहा कि उसके पास अमिताब बच्चन का फोन आया और उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में सेलेक्शन के लिए बधाई दी।
केबीसी की तरफ से मंजू और उसके एक सहयोगी (पिता) के लिए फ्लाइट का टिकट भी मुफ्त आया। 22 नवंबर को मंजू अपने पिता के साथ मुंबई पहुंचीं। अगले दिन 23 नवंबर को वह केबीसी में अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठीं। मगर कुछ गलत जवाबों की वजह से वहां से प्रतियोगिता जीते बगैर ही वापस आना पड़ा। मंजू का कहना है कि उसे इस बात का कोई मलाल नहीं कि वह विजेता नहीं बन सकी। उसे तो बस खुशी इस बात की है कि बिग बी ने हाथ मिला और प्यार दिया।