घर में खेल की कदर नहीं थी। पड़ोसी ताना देकर खेल छोड़ने की सलाह देते रहते थे। इस वजह से महज 15 साल की उम्र में भागकर प्रयागराज में ठिकाना बनाया। एक दुकान में बाल काटे। खेल से लगाव ने यूपी चैंपियन का तमगा दिला दिया। यह कहानी सरसवां ब्लॉक के शाहपुर निवासी मूलचंद्र सेन के छठे बेटे छोटकू की।
छोटकू ने बाबू केडी सिंह स्टेडियम लखनऊ में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दो किलोमीटर की क्रॉस कंट्री दौड़ में गोल्ड जीतकर जिले का नाम रोशन किया। डीएमडीपी हायर सेकेंड्री स्कूल, बजहा खुर्रमपुर रक्सवारा-कौशाम्बी में नौवीं के छात्र छोटकू बताते हैं कि उन्होंने घर छोड़ा और पेट भरने के लिए दुकान में बाल काटा। ताकि अभ्यास कर सकें।
छोटकू की मानें तो कोविड से पहले उनके गांव के तमाम लड़के सेना में जाने की तैयारी कर रहे थे। सड़क किनारे घर होने के कारण अक्सर दौड़ने वाले उसे छोटकू को बुला लेते थे। दौड़ के अभ्यास के दौरान उन्हें पश्चिमशरीरा में सरसवां ब्लॉक की संभागीय प्रतियोगिता की जानकारी मिली। उन्होंने हिस्सा लिया और कांस्य पदक जीता।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद