कस्बे के मदरसा जामिया इमदादुल उलूम के प्रिंसिपल को पुलिस ने चार घंटे तक नजरबंद रखा। आरोप है कि बिना परमिशन के दो दर्जन बच्चे मदरसा के पास आई लव मोहम्मद का जुलूस निकालने की तैयारी में थे। शाम को प्रिंसिपल को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
करारी कोतवाल सियाकांत चौरसिया शुक्रवार को जुमा की नमाज सकुशल सम्पन्न कराने के लिए भारी पुलिस व पीएसी के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। कस्बे में जुमा की नमाज के बाद पुलिस को पता चला कि कुछ बच्चे मदरसा के पास एकत्र हैं। वह बिना किसी परमिशन के आई लव मोहम्मद का जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इस बात की भनक जैसे ही इंस्पेक्टर को हुई। वह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही बच्चे भाग निकले। इस पर पुलिस ने मदरसा के प्रिंसिपल मो. इमरान से जुलूस के संबंध में पूछताछ की और फिर गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। शाम छह बजे तक पुलिस ने मो. इमरान को नजरबंद रखा। इसके बाद प्रिंसिपल को सम्मान के साथ छोड़ दिया गया। इंस्पेक्टर सियाकांत चौरसिया ने बताया कि किसी को भी बिना परमिशन के जुलूस निकालने की पाबंदी है।
जुमा की नमाज के बाद मदरसा के पास बच्चे आई लव मोहम्मद का जुलूस निकालना चाहते थे। इस बात की जानकारी उन्हें हुई तो बच्चों को समझाकर बुझाकर भेज दिया। पुलिस उन्हें पूछताछ करने के लिए ले गई थी। इसके बाद शाम को घर भेज दिया गया।
- मो. इमरान, प्रधानाचार्य मदरसा जामिया इमदादुल उलूम