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कैंटीन की आमदनी से सुधरेगी बंदियों की हालत

Tue, 26 Jul 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कैदियों की सुविधा के लिए जिला जेल में संचालित हो रही कैंटीन की आमदनी से समय-समय पर बंदियों की हालत सुधारने का कदम उठाया जाएगा। इसके लिए जेल में बंदी कल्याण कोष बनाया गया है। इस कोष में जेल प्रशासन ने कैंटीन से होने वाली कमाई को जमा कराना शुरू कर दिया है।
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जिले के बंदी सुधार गृह में शासन के निर्देश पर कैंटीन का संचालन जेल प्रशासन ने शुरू करा दिया है। कैंटीन में चाय नाश्ता के साथ दैनिक उपयोगी सामान मिलेगा। जेल में कैंटीन का संचालन सजायाफ्ता कैदियों से कराया जा रहा है। जेल में संचालित हो रही कैंटीन से हो रहे मुनाफे को कहां भेजा जाए, इस बावत शासन द्वारा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया। इसे देखते हुए जेल अधीक्षक ने जेल में बंदी कल्याण कोष का गठन कर दिया है।

अब जेल कैंटीन से होने वाली कमाई को इसी कोष में जमा कराया जा रहा है। जेल अधीक्षक एचआर दोहरे की माने तो बंदी कल्याण कोष में जमा कराई जाने वाली रकम से समय-समय पर कैदियों के हित में कार्य किए जाएंगे। इससे कैदियों को वस्त्र का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा धनराशि से सप्ताह में दो दिन मेन्यू से हटकर भोजन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला जेल में बंद प्रत्येक कैदी को माह भर में छह सौ रुपये की खरीददारी करने की छूट है। बहरहाल कुछ भी हो जिला जेल में संचालित हो रही कैंटीन से जहां बंदियों को जरूरत का सामान आसानी से उपलब्ध हो रहा है वहीं, दूसरी ओर अब उन्हें समय-समय पर कपड़े के अलावा जेल मेन्यू से हटकर भोजन भी मिलने लगेगा।
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छह सौ रुपये लाने की परिजनों को मिली छूट
 जिला जेल में कैंटीन का संचालन होने के बाद बंदियों के परिजनों के लिए जेल प्रशासन ने रुपये लाने की छूट दे दी है। अब मिलाई करने आने वाले परिजन बंदियों को देने के लिए महीने में छह सौ रुपये अंदर ले जा सकेंगे। इससे अधिक की धनराशि पर पूर्व की भांति बैन लगा रहेगा। इस धनराशि से कैदी जेल कैंटीन से अपनी जरूरत का सामान आसानी से खरीद सकेंगे।

छह सौ से अधिक खरीद करने वाले कैदी की होगी फजीहत
 जिला जेल में संचालित कैंटीन में खरीददारी करने वाले प्रत्येक कैदी का नाम दर्ज होगा। कैदी जिला जेल की कैंटीन से प्रतिमाह महज छह सौ की ही खरीददारी कर सकेगा। इससे अधिक की खरीददारी होने का मामला प्रकाश में आया तो जेल प्रशासन संबंधित कैदी के खिलाफ न केवल रुपये आने की जांच करेगा बल्कि उससे सघन पूछताछ कर मिलने आने-जाने वालों के खिलाफ भी शिकंजा कसेगा।

दस प्रतिशत मुनाफे पर की जा रही बिक्री
 जिला जेल में संचालित कैंटीन में उपलब्ध सामान की बिक्री पर कैदियों से दस फीसदी मुनाफा लिया जा रहा है। यानि की एक कैदी द्वारा महीने भर की जाने वाले खरीददारी से कैंटीन को 60 रुपये की आमदनी होगी। ऐसे में यदि जिला जेल में बंद साढ़े सात सौ कैदियों में पांच सौ बंदियों ने खरीददारी महीने भर की तो कैंटीन से तीस हजार रुपये की आमदनी होगी।

रोज की किचकिच से फुर्सत
 जिला जेल में कैंटीन के संचालन से जेल कर्मियों को रोज-रोज की किचकिच से फुर्सत मिल गई है। होता ये था कि कैंटीन के संचालन के पहले कैदी अपने परिजनों से जरूरत का सामान मंगवाते थे। जिसकी जांच पड़ताल में जेल कर्मियों को मुश्किल झेलनी पड़ती थी। डर भी बना रहता था कि कहीं परिजन प्रतिबंधित कोई वस्तु न कैदी तक भेज दें। ऐसे में अब कैंटीन के संचालन के बाद परिजनों को बाहर से सामान लाने पर रोक लगा दी गई है।

जिला जेल में कैंटीन का संचालन शासन के निर्देश पर कराया जा रहा है। संचालन की जिम्मेदारी सुधरे हुए सजायाफ्ता बंदियों को दी गई है। दस फीसदी लाभ से होने वाली आमदनी को बंदी कल्याण कोष में जमा कराया जा रहा है।
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एसआर दोहरे, जेल अधीक्षक, जिला जेल कौशाम्बी
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