सरसवां ब्लॉक के महेवाघाट क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़क पर बहता पानी। संवाद
अलग-अलग क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह से रुक-रुक कर हुई बारिश और तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह की बूंदाबांदी और कई इलाकों में तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान आंशिक बादलों के साथ साफ रहने की संभावना रही।
सरसवां ब्लॉक में सुबह तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। जिले के अन्य हिस्सों में भी करीब 11 बजे तक रुक-रुक कर फुहार पड़ती रही।
बिजली कटौती और बदलते मौसम से बढ़ी परेशानी
बुधवार रात से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आंख मिचौली जारी रही। बार-बार बिजली आने-जाने से लोगों की नींद खराब हो गई। मंझनपुर के टेवां निवासी जयदीप यादव, मनीष कुमार और सुरेश ने बताया कि रात में बिजली कटौती से पंखे बंद हो जाते हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और ठीक से नींद नहीं आती है।
बारिश में किसानों का भीग गया भूसा
लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में पड़ा भूसा बारिश और आंधी से खराब होने लगा है। किसानों ने कहा कि मजदूरों की कमी के कारण भूसा घर तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे पशुओं के चारे की समस्या बढ़ सकती है।
हल्की बारिश से फसलों को राहत मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। -डॉ. मनोज सिंह, कृषि वैज्ञानिक
सरसवां ब्लॉक के महेवाघाट क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़क पर बहता पानी। संवाद