मायके वालों का दखल पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर रहा है। महिला थाना में आने वाले ज्यादातर शिकायत में यह बात सामने आई है। बृहस्पतिवार को महिला थाने में तीन दंपतियों की काउंसलिंग कर उनके बीच की कड़वाहट को प्रेम में बदला और तीनों दंपती जीवन भर साथ रहने के लिए राजी हो गए, जबकि एक दंपती ने आपसी समझौते से एक-दूसरे का सामान वापस कर अलग रहने का फैसला लिया।
केस 1
कोखराज कोतवाली क्षेत्र की एक युवती की शादी उसी क्षेत्र के युवक के साथ हुई थी। दोनों से एक साल का बेटा है। विवाहिता ने आरोप लगाया कि पति गालीगलौज कर मारपीट करता है। जबकि पति का आरोप था कि पत्नी दिन भर मायके में फोन पर बात करती है। मामला महिला थाना पहुंचने पर दोनों पक्ष को समझाया गया। तब जाकर दोनों साथ रहने को राजी हो गए।
केस 2
चरवा कोतवाली के एक गांव की युवती के मामले में शादी के बाद से ही पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। विवाहिता ने मायके वालों के कहने पर ससुरालियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला में थाना में शिकायत की। जांच में मायके वालों की अनावश्यक दखलअंदाजी की बात सामने आई। जब दोनों को आमने-सामने बैठाकर समझा गया तो उनके बीच की कड़वाहट प्रेम में बदल गई और दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए।
-
घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा आ रहे हैं। ज्यादातर मामलों में जांच की गई तो पता चला कि मायके वाले दिन भर बेटी को फोन पर सलाह देते रहते हैं। मायके वालों की सलाह पर नव विवाहिताएं अपने पति और ससुरालियों से तरह-तरह की मांग करने लगती हैं। अनावश्यक मांग से घर का बजट बिगड़ता है और लड़ाई-झगड़े शुरू हो जाते हैं। घरेलू हिंसा के मुकदमे से शुरू हुई बात तलाक तक पहुंचने लगती है। -नीलम राघव, थानाध्यक्ष महिला थाना