एसपी ने बताया कि इसके लिए पुलिस लगातार आरोपियों के नंबरों की जांच कर रही थी। आईपी नंबर के आधार पर इनकी लोकेशन मिली और सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस की कार्रवाई दोनों शहरों में एक साथ चली। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पटेल पर जुआ अधिनियम का केस दर्ज है। जबकि, शोभित पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत व मारपीट का मुकदमा दर्ज है। एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ राजस्थान के भरतपुर में 90 हजार, सेंट्रल दिल्ली में 25 हजार, पंजाब के भटिंडा में दो लाख 20 हजार व कौशाम्बी में 31,500 रुपये के ठगी के मामले दर्ज हैं। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, 45 सिम कार्ड और 31,500 की रकम मिली है।
अपराध का तरीका
एसपी ने बताया कि गिरोह फर्जी आईडी के आधार पर सिम और बैंक खाते खोलता था। इन खातों के एटीएम, पासबुक और मोबाइल फोन गैंग सरगना राशिद को सौंपे जाते थे। राशिद सीबीआई व सीआईडी अधिकारी बनकर व्हाट्सएप डीपी पर वर्दीधारी फोटो लगाता और डराकर रुपये मांगता था। लोग डिजिटल गिरफ्तारी के डर से रकम खातों में ट्रांसफर कर देते।
अब तक की ठगी
जांच में सामने आया कि गैंग ने कौशाम्बी, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों में ठगी की है। अब तक लगभग 43 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।