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दोआबा के उद्यमियों को उत्पाद विपणन की मिलेगी सुविधा

Mon, 09 May 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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दोआबा में स्थापित लघु, मध्यम उद्योगों और हस्तशिल्पियों के उत्पादन को बेचने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए उद्योग विभाग ने एक पोर्टल का इंतजाम किया है। इस पोर्टल पर जिले के सभी उत्पाद एक साथ आसानी से बेचे जा सकेंगे। एमएसएमई पोर्टल पर उद्यमियों का पंजीकरण पूरी तरह से नि:शुल्क होगा। मुख्य विकास अधिकारी ने इसके प्रचार-प्रसार का निर्देश जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक को दिया है।
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दोआबा में लघु, मध्यम उद्योगों और हस्तशिल्प के कारीगरों की भरमार है लेकिन उन्हें अपने उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्हें मजबूरन गैर जनपद में जाकर अपने उद्योग धंधे स्थापित करने पड़ रहे है। दोआबा से पलायित हो रहे उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को देख मुख्य विकास अधिकारी ओपी आर्य ने इसे गंभीरता से लिया। पिछले दिनों उद्योग बंधु की बैठक में उन्होंने इस मुद्दे पर उपायुक्त उद्योग ऋषिरंजन गोयल से गंभीरता से वार्ता की।

इसके बाद उत्पादों के विपणन के लिए एक पोर्टल सुनिश्चित करने को कहा। सीडीओ का रुख देख उपायुक्त ने कानपुर के एमएसएमई पोर्टल पर दोआबा के उत्पादों को विपणन के लिए रखे जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर उद्यमियों के उत्पाद का नि:शुल्क पंजीयन होगा। कोई भी उद्यमी पोर्टल का उपयोग कर अपने उत्पाद की उचित कीमत प्राप्त कर सकेगा।
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 दोआबा के लघु, मध्यम उद्योगों और हस्तशिल्पियों के उत्पाद बेचने में हो रही कठिनाई जल्द दूर होगी। इसके लिए उद्योग निदेशालय कानपुर ने सभी प्रकार के उद्योगों के उत्पाद को बेचने के लिए एमएसएमई पोर्टल का इंतजाम किया है। इस पर पोर्टल का उद्यमी और हस्तशिल्पी अधिक से अधिक उपयोग कर उचित मूल्य पा सकें। इसके लिए जल्द ही जिले भर में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। प्रचार-प्रसार जिम्मेदारी जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक को दी गई है।

 जिला उद्योग केंद्र द्वारा उद्यम स्थापित कराने के लिए पत्रावलियों को मंजूरी तो दी जाती है पर समय से ऋण नहीं उपलब्ध हो पाता। इतना ही नहीं उद्यमियों को ऋण पाने के लिए जिला उद्योग केंद्र से लेकर बैंक तक का महीनों चक्कर काटना पड़ता है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मुख्य विकास अधिकारी ओपी आर्य ने इसे गंभीर से लिया है। उन्होंने जिला उद्योग प्रबंधक और बैंकों के जिम्मेदारों को हिदायत देते हुए कहा कि उद्यमियों की ऋण संबंधी पत्रावलियों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्रावली बैंक पहुंचने के बाद माह भर के भीतर उसे हर हाल में मंजूरी देनी होगी।

दोआबा उद्योग और व्यापारिक दृष्टिकोण से पिछड़ा है। ऐसे में यहां के लोगों ने छोटे, मध्यम उद्योग खोल रखे है। कुछ हस्तशिल्पी भी अपने उत्पाद बना रहे है। लेकिन उन्हें अपने उत्पादन को बेचने के लिए उचित पोर्टल नहीं मिल रहा था। उद्योग विभाग ने इसके लिए एमएसएमई पोर्टल का इंतजाम किया है। जल्द ही उद्यमियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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ओम प्रकाश आर्य, सीडीओ
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