इंक्यूबेशन सेंटर में काम करने वाली समूह की महिलाएं व प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा सिंह: संवाद
उद्यान विभाग परिसर में बने कॉमन इंक्यूबेशन सेंटर का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने संभाल लिया है। इस सेंटर से जुड़कर महिलाएं डेयरी उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले में स्थापित कॉमन इंक्यूबेशन सेंटर अब स्थानीय महिलाओं और किसानों के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। एक फरवरी को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा 339.10 लाख रुपये की लागत से बने इस सेंटर का उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन के बाद अब यहां उत्पादन कार्य भी शुरू हो गया है।
सेंटर की प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि वर्तमान में यहां पनीर और खोवा का निर्माण किया जा रहा है। इन उत्पादों के लिए बाजार से ऑर्डर भी मिलने लगे हैं, जिससे महिलाओं में उत्साह बढ़ा है। फिलहाल पांच स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सेंटर से जुड़कर उत्पादन कार्य कर रही हैं। आने वाले दिनों में सेंटर में दही और रबड़ी का उत्पादन भी शुरू होगा। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।