पीएचसी चमरूपुर में डॉक्टर, फार्मासिस्ट की तैनाती तो है लेकिन तीन महीने पहले एलटी (लैब टेक्नीशियन) का ट्रांसफर हो गया। ऐसे में मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। वहीं आरोग्य केंद्र बालकमऊ में डॉक्टर की अभी तक तैनाती नहीं हुई, जिससे मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में स्टॉप नर्स की तैनाती नहीं होने की वजह से महिलाओं को समस्या होती है।
नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमरूपुर में तैनात डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मंगलवार को आकस्मिक ड्यूटी पर होने के कारण पीएचसी नहीं आए। ऐसे में पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह ने मरीजों को दवा दी।
फार्मासिस्ट ने बताया कि दवाएं 120 प्रकार की हैं। ओपीडी औसतन 30 से 40 तक हो जाते हैं। अभी तक किसी दूसरे एलटी, एलए (लैब असिस्टेंट) की तैनाती नहीं की गई है, जिससे इलाज करवाने आने वाले मरीजों को जांच के लिए सीएचसी सिराथू या जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर बालकमऊ में आज तक डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है, जिससे स्थानीय व आसपास के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल या मंझनपुर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। केंद्र में सपोर्टिंग स्टॉप हरिश्चंद्र की तैनाती है। केंद्र में इलाज के लिए मेडिकल के सारे सामान और कुछ दवाएं रखी हुई हैं। संचालित भवन में किसी भी प्रकार का बोर्ड या नाम नहीं लिखा हुआ है।
वहीं दूसरे अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में स्टॉप नर्स की तैनाती नहीं होने के कारण महिलाओं को समस्या होती है। डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि आने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। औसतन प्रतिदिन लगभग 30 से 40 मरीजों का इलाज के लिए केंद्र आते हैं।
इस संबंध में सीएचसी सिराथू प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि रिक्त हुए पदों की सूची शासन को भेजी गई है। जल्द ही डॉक्टर, एलटी और एलए की तैनाती हो जाएगी।