चार साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को जलाकर मार डालने के आरोपी पति को अदालत ने दोषी करार दिया। कोर्ट ने पति को 10 साल कारावास की सजा और 15 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के मुताबिक कौशाम्बी कोतवाली के भीखा गर्ग का पूरा निवासी रामबली ने आठ मई 2014 को अपनी बेटी पुष्पा की शादी करारी के वैशकांटी निवासी शैलेंद्र के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले बाइक की मांग कर पुष्पा को प्रताड़ित कर रहे थे। 14 अगस्त 2018 को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पुष्पा को ससुरालियों ने मारपीट कर जिंदा जला दिया। इलाज के लिए ले जाते वक्त पुष्पा की मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज किया था। मामला एफटीसी प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत में विचाराधीन था। पुलिस ने जांच के बाद पति के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने सात लोगों की गवाही कराते हुए आरोपी पति को सख्त सजा देने की मांग की। अदालत ने पति शलेंद्र को हत्या का दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई।