पश्चिमशरीरा। पश्चिमशरीरा के मिनी स्टेडियम में 16 सालों से खिलाड़ियों और सुबह सैर करने वालों के साथ ही जानवर भी घूमते हैं। क्योंकि स्टेडियम में बाउंड्रीवाल नहीं है। एक साल पहले निर्माण की नौबत भी आई तो शिलान्यास के लिए सांसद का समय नहीं मिल पा रहा है। नींव की ईंट उन्हें ही रखनी है। जानवरों की मौज का समय बढ़ता जा रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड (वार्ड नंबर 11) में स्थित स्टेडियम में तमाम युवा प्रतिदिन सुबह खेलकूद और दौड़ लगाने आते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग भी टहलते हैं। बाउंड्रीवाल न होने से गंदगी तो फैली ही रहती है। मवेशी आने से बुजुर्गों को ज्यादा समस्या होती है।
बाउंड्रीवाल के लिए अक्तूबर 2022 में नगर पंचायत से 35.63 लाख रुपये का टेंडर पास हुआ। कार्यदायी संस्था को तीन महीने के अंदर काम पूरा करना था, जो अब तक न शुरू हो पाया।
खेल सामग्री के नाम पर सिर्फ वाॅलीबॉल
स्टेडियम में पंजीकृत खिलाड़ियों को सिर्फ वॉलीबॉल और नेट दे रखा है। इसके अलावा चार पीआरडी के जवान तैनात कर दिए हैं, जो स्टेडियम की देखरेख करते हैं। इसके अलावा विभाग से कुछ नहीं मिला है। जबकि यहां पर फुटबॉल से लेकर जिम और क्रिकेट की खेल सामग्री की भी जरूरत है।
मिनी स्टेडियम में खेल सामग्री का पहले से ही संकट है। चहारदीवारी नहीं होने से यह और भी बदहाल हो गया है। चहारदीवारी बन जाएगी तो कम से कम स्टेडियम साफ-सुथरा रहेगा।
- अक्षय कुमार, पश्चिमशरीरा
मिनी स्टेडियम में हर तरफ गंदगी फैली रहने से दिक्कत होती है। कम से कम चहारदीवारी बन जाए और कुछ संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो युवाओं को सुविधा होगी।
- हरीश त्रिपाठी, पूरबशरीरा
तैनाती के पहले मिनी स्टेडियम की चहारदीवारी के निर्माण का टेंडर हुआ था। कुछ कारणों से इसका काम शुरू नहीं हो पाया। अब जल्द निर्माण होगा। सांसद इसकी नींव रखेंगे। क्षेत्र में उनका कार्यक्रम तय होने का इंतजार है।
-निशंख भास्कर, ईओ, पूरब-पश्चिमशरीरा