मंझनपुर/करारी। दोआबा में वसंत पंचमी का त्योहार गुरुवार को पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने घरों व मंदिरों में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की। गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन ब्रम्हा जी ने मां सरस्वती की रचना की थी। वसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। मां सरस्वती ही बुद्धि और विद्या की देवी हैं। मान्यता है कि इस दिन जो भक्त विधि-विधान से मां सरास्वती की पूजा करता है, उसे मां की कृपा से विद्या व बुद्धि मिलती है। इतना ही नहीं इस दिन गंगा स्नान का भी बहुत बड़ा महत्व है। गुरुवार को बसंत पंचमी थी। देखा गया कि सुबह से ही गंगा के पल्हना, संदीपन, कड़ा कुबरी आदि घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ठिठुरती ठंड में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। घरों व मंदिरों में विधि-विधान से विद्या की देवी पूजी गईं। कुछ लोगों ने बच्चों को विद्यारंभ संस्कार भी कराया। पुण्य की कामना करते हुए दान का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।