मंझनपुर। रंगों का पर्व की तैयारी प्रशासन और पुलिस विभाग ने शुरू कर दी है। अफसरों के मुताबिक त्यौहार के मद्देनजर जिले के 32 गांव अतिसंवेदनशील हैं। इन चिह्नित गांवों में किसी भी तरह का कोई बवाल न हो, इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने चौकसी शुरू कर दी है। थानों में पीस कमेटी की बैठकें करके दोनों समुदाय के लोगों को समाज में भाईचारे बनाए रखने की सीख दी जा रही है।
बता दें कि इस बार होली का त्यौहार पांच और छह मार्च को है। रंगों का पर्व किसी भी उपद्रव से फीका न पड़े। इसके लिए अफसरों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी राजमणि यादव के मुताबिक पुलिस ने संवेदनशीलता के नजरिए से पुरखास, शहजादपुर, मूरतगंज, भरवारी, सल्लाहपुर, चिकवन का पुरा, गोराजू, मढ़ी, बिहका, मनौरी, टिकरी, काजीपुर, समदा, करारी, लौधौर, गौसपुर कटौहुला, बजहा, शेखपुर, मंदर, असरावल कला, सैयद सरावां, कड़ा, अलीपुर जीता, गोविंदपुर गोरियों, सौरई बुजुर्ग, खोजवापुर, परास, मोहम्मदपुर अनेठा, जवई पड़री, पइंसा आदि गांवों को अतिसंवेदनशील चिह्नित किया है। बताया कि इन संवेदनशील स्थलों की निगरानी के लिए एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की ड्यूटी लगा दी गई है। वहीं एसपी रतनकांत पांडेय ने बताय कि इन चिह्नित गांवों में अभी से पुलिस की विशेष चौकसी शुरू कर दी गई है।
डीएम ने बताया कि इन गांवों में विवादित स्थानों पर होलिका दहन की कोशिश, होलिका में छप्पर, तख्त, गुमटी आदि डालने, समय से पूर्व आग लगाने की कोशिश, जुलूस और लाउड स्पीकर बजाने, रोक के बाद भी रंग, कीचड़ डालने आदि से उपद्रव संभव है। उन्होंने ड्यूटी पर लगे सभी प्रशासनिक अफसर और पुलिसवालों से पूरी सतर्कता रखने, त्यौहार से पूर्व ही विवादों को आपसी सुलह से निपटाने का निर्देश दिया है।
वहीं होली के मद्देनजर शांति-व्यवस्था बनी रहे। इसके लिए सभी थाने और चौकियों में शांति कमेटी की बैठकें शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को भी एसडीएम मंझनपुर नरेंद्र बहादुर सिंह और सीओ सिटी पुर्णेंदु सिंह ने मंझनपुर कोतवाली में बैठक करके दोनों समुदाय के लोगों से त्यौहार की भाईचारे वाली परंपरा को निभाने का आह्वान किया है। साथ ही कहीं भी किसी भी किस्म का विवाद होने की संभावना पर तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और अफसरों को देने का आह्वान किया है।