स्वास्थ्य विभाग के लिपिक ने डिप्टी सीएमओ को धमकाया
निजी अस्पताल के लाइसेंस के लिए जांच करने गई थी सीएमओ ऑफिस की टीम
फोटो-30
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। एक निजी अस्पताल के लाइसेंस के लिए जांच करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ से स्वास्थ्य विभाग के एक लिपिक और उसके बेटे ने दुर्व्यवहार किया। गालीगलौज की और विरोध करने पर देख लेने की धमकी भी दी। सीएमओ ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
ओसा रोड पर जिला अस्पताल के निकट डॉ. नगमा की ओर से सिग्मा स्कैनिंग एंड मैटरनिटी सेंटर के नाम से 30 बेड का निजी अस्पताल खोला जाना है। इसके लाइसेंस के लिए डॉ. नगमा की ओर से सीएमओ ऑफिस में आवेदन किया गया था। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी सिंह अपने दो अन्य कर्मचारियों महेंद्र द्विवेदी और वैभव सिंह के साथ इस अस्पताल की जांच करने पहुंचे। डॉ. केडी सिंह ने बताया कि बेसमेंट में केबिन बनाए गए थे। ऊपर के चार मंजिल में निर्माण चल रहा था। न तो बेड दिखाए गए और न ही अन्य संसाधन। इससे पहले भी एक बार आवेदन किया गया था, लेकिन खामियों के कारण निरस्त हो गया। जांच के बाद परिसर से निकलते समय डॉ. नगमा के परिवार के ही इकबाल अहमद सिद्दीकी व उनका बेटा रास्ते में मिला। जब कमियां गिनाई गईं तो दोनों भड़क उठे। यह कहते हुए गालीगलौज करने लगे कि फिर जानबूझ कर आवेदन निरस्त करना चाहते हो। उन्हें देख लेने की धमकी भी दी गई। उनके साथ गए कर्मचारियों को भी धमकाया गया। सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी इकबाल अहमद सिद्दीकी स्वास्थ्य विभाग में ही लिपिक हैं। पहले यह जिले में ही तैनात था। बाद में इसका गैरजनपद तबादला हो गया। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक को दी गई है।